मनसा देवी हादसे पर सीएम योगी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता, पीड़ितों तक शव पहुंचाने के निर्देश

देहरादून/हरिद्वार। हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार को भगदड़ की दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हादसे में कम से कम 6 श्रद्धालुओं की मौत और 35 से अधिक के घायल होने की पुष्टि हुई है, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

सीएम योगी ने ट्वीट कर कहा, “भगदड़ में उत्तर प्रदेश के जिन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई है, उनके परिजनों को ₹2-2 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मृतकों के पार्थिव शरीर को शीघ्रता से उनके गृह जनपद पहुंचाया जाए। मेरी संवेदनाएं शोक-संतप्त परिजनों के साथ हैं।”

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटना पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने कहा, “हरिद्वार में मां मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुई भगदड़ अत्यंत दुखद है। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि घायल श्रद्धालु शीघ्र स्वस्थ हों।”

मुख्यमंत्री धामी ने भी मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा करते हुए मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

कांग्रेस ने लगाया लापरवाही का आरोप
उत्तराखंड कांग्रेस ने हादसे को प्रशासन और सरकार की गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि श्रावण मास और रविवार के चलते भारी भीड़ की संभावना के बावजूद प्रशासन ने कोई विशेष तैयारी नहीं की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीढ़ियों से नीचे एक रेलिंग में करंट लगने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई। इस अव्यवस्था के कारण श्रद्धालु एक-दूसरे पर गिर पड़े, जिससे मौतें हुईं।

डीएम-एसएसपी का दावा और कार्रवाई
हरिद्वार के डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल ने जानकारी दी कि घटना के संबंध में FIR दर्ज कर ली गई है और अब मंदिर में ‘वन-वे’ नियम लागू कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि भगदड़ करंट लगने की अफवाह के चलते मची। किसी तार या रेलिंग में करंट होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राज्य सरकार से स्थायी व्यवस्था की मांग
वरिष्ठ कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने मांग की कि तीर्थ स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के तहत एक अलग फोर्स गठित की जाए, जो हर धार्मिक आयोजन में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी उठाए।

घायलों की सूची और मृतकों की पहचान
हादसे में मृतकों में एक श्रद्धालु बिहार से, एक उत्तराखंड से और चार उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से हैं। घायलों में 13 यूपी के, 6 बिहार, 1-1 हरियाणा और दिल्ली के हैं। एक घायल की पहचान अब तक नहीं हो पाई है।

फिलहाल, मनसा देवी मंदिर को दोबारा खोल दिया गया है लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

(यह घटना एक बार फिर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर उठते सवालों को उजागर करती है। धार्मिक आस्था की भीड़ में व्यवस्था की लापरवाही जानलेवा न बन जाए, इसके लिए सभी स्तरों पर ठोस और स्थायी समाधान की आवश्यकता है।)

 

 

 

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