भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते में किसानों को बड़ी राहत: डेयरी, तेल, सेब रहे बाहर, 95% कृषि उत्पादों पर जीरो ड्यूटी
नई दिल्ली, 24 जुलाई। भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच गुरुवार को हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में भारत ने अपने घरेलू किसानों के हितों की रक्षा करते हुए डेयरी उत्पादों, खाद्य तेलों और सेब जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों को समझौते से बाहर रखा है। वहीं, 95 प्रतिशत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों पर शून्य सीमा शुल्क (Zero Duty) की सुविधा सुनिश्चित की गई है।
वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस समझौते के बाद भारत से यूके को हल्दी, काली मिर्च, इलायची, आम का पल्प, अचार, दालें, झींगा और टूना मछली जैसे उत्पादों का निर्यात 20 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है।
प्रोसेस्ड फूड और समुद्री उत्पादों को बड़ा लाभ
प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों पर 70% तक लगने वाली ड्यूटी अब खत्म हो जाएगी।
99.7% उत्पादों पर जीरो ड्यूटी मिलेगी।
समुद्री और पशु उत्पादों पर 20% तक की ड्यूटी भी अब खत्म हो जाएगी।
बाजार में मिलेगा बड़ा विस्तार
FTA से भारतीय उत्पादों को यूके के प्रीमियम बाजारों तक पहुंच मिलेगी, जिससे भारतीय किसानों को जर्मनी, नीदरलैंड्स और अन्य EU देशों के समान लाभ मिल पाएंगे।
फलों, सब्जियों, अनाज, अचार, मसाला मिक्स, फ्रूट पल्प और रेडी-टू-ईट मील्स जैसे उत्पादों पर भी अब कोई टैक्स नहीं लगेगा।
इससे यूके में भारतीय उत्पादों की कीमतें घटेंगी और निर्यात में वृद्धि होगी।
नई और पारंपरिक फसलों को मिलेगा प्रोत्साहन
FTA से जैकफ्रूट, मिलेट (मोटे अनाज) और ऑर्गेनिक जड़ी-बूटियों जैसे उभरते उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा।
यूके हर साल 37.5 अरब डॉलर का कृषि आयात करता है, जबकि भारत से आयात सिर्फ 811 मिलियन डॉलर का है।
अब यह अंतर तेजी से कम होने की संभावना है।
ब्लू इकोनॉमी को भी संजीवनी
झींगा, टूना, फिशमील और पशु आहार पर लगने वाली 4.2% से 8.5% ड्यूटी अब शून्य हो जाएगी।
भारत की यूके समुद्री बाजार में हिस्सेदारी मात्र 2.25% है, जो अब तेजी से बढ़ सकती है।
ब्रांडेड और GI उत्पादों को भी मिलेगा प्लेटफॉर्म
FTA के तहत भारत के उच्च मूल्य वाले ब्रांडेड उत्पाद जैसे कि कॉफी, मसाले, पेय पदार्थ और प्रोसेस्ड फूड को भी फायदा मिलेगा।
गोवा का फेणी, नासिक की वाइन, केरल की टोडी को अब GI टैग के तहत यूके में पहचान और बिक्री की सुविधा मिलेगी।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
FTA से देश के कई राज्यों के किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा:
महाराष्ट्र – अंगूर, प्याज
गुजरात – मूंगफली, कपास
पंजाब व हरियाणा – बासमती चावल
केरल – मसाले
पूर्वोत्तर राज्य – बागवानी उत्पाद
अन्य लाभ:
कॉफी पर 10% तक और मसालों पर 8% तक की ड्यूटी खत्म।
फलों पर लगने वाली 20% तक की ड्यूटी अब शून्य।
2023 तक 100 अरब डॉलर कृषि निर्यात लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता भारत के 2030 तक 100 अरब डॉलर कृषि निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस ऐतिहासिक FTA से जहां एक ओर किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी, वहीं भारतीय कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा भी मजबूत होगी।
