ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा का बिजली विभाग पर फूटा ग़ुस्सा — “जनसेवा चला रहे हैं, बनिया की दुकान नहीं!”
- रिपोर्ट- मंजय वर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने सोमवार को पावर कॉर्पोरेशन की समीक्षा बैठक के दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों की जमकर क्लास ली। मंत्री का तेवर इतना तीखा था कि बैठक में मौजूद चेयरमैन से लेकर XEN तक सबके पसीने छूट गए। शर्मा ने स्पष्ट कहा — “यह कोई बनिए की दुकान नहीं, जनसेवा का विभाग है!”
मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा,
“यह क्या हो रहा है प्रदेश में? हमारी मौजूदगी में ट्रांसफार्मर जल रहे हैं, हमारे सामने विधायक और जनप्रतिनिधि हमें और सरकार को गालियां दे रहे हैं और आप कहते हैं कि सब कुछ ठीक है?”
“कागज़ों में सब ठीक, ज़मीन पर अंधेरा!”
ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को दो टूक फटकार लगाते हुए कहा कि रिपोर्टों में सब अच्छा दिखाना बंद करें। उन्होंने कहा—
“आप लोग अंधे, बहरे, काने बन बैठे हो। ट्रांसफार्मर जलते हैं और हफ्तों तक नहीं बदले जाते। ये कौन सी व्यवस्था है? क्या आपने सरकार को बदनाम करने की सुपारी ले रखी है?”
“एक घर का बिल नहीं भरा, तो पूरे गांव की बिजली काट दी?”
मंत्री ने बिजली बिल न जमा होने पर पूरी बस्ती की आपूर्ति काटे जाने पर सख्त नाराजगी जताई।
“आशीष, मैं तुम्हें भी कह रहा हूं — हम कोई प्राइवेट दुकान नहीं चला रहे। यह सेवा है। आपने क्या सिस्टम बना दिया है?”
“गलत जगह छापे, सही जगह वसूली!”
मंत्री ने विजिलेंस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा,
“जहां असली बिजली चोरी हो रही है, वहां कोई नहीं जाता। वहां से पैसा वसूला जाता है, एफआईआर के नाम पर। गलत जगह छापे मारे जा रहे हैं।”
जनता से जुड़ने की दी सलाह, कार्रवाई की चेतावनी
मंत्री ने अधिकारियों से साफ कहा—
“जनता के बीच जाइए, फील्ड में उतरिए। कुर्सी पर बैठकर झूठी रिपोर्ट बनाना बंद करिए। अब सुधार करिए वरना कार्रवाई तय है।”
लखनऊ से हिली अफसरशाही
ऊर्जा मंत्री की इस खुली फटकार ने लखनऊ में बैठी बिजली विभाग की अफसरशाही को झकझोर कर रख दिया है। अब देखना होगा कि फील्ड में इस फटकार का क्या असर पड़ता है।
यह बैठक सिर्फ समीक्षा नहीं, पूरे विभाग के लिए चेतावनी बनकर सामने आई है।
