रामपुर: मरकज़ी दरसगाह-ए-इस्लामी में लगाया गया फ्री मेडिकल कैंप, सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने उठाई मेडिकल कॉलेज व एम्स की मांग
रामपुर। मरकज़ी दरसगाह-ए-इस्लामी द्वारा रामपुर में मरीजों के लिए एक फ्री मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं व बुज़ुर्ग पहुंचे। कैंप में डॉक्टरों की टीम ने मरीजों का नि:शुल्क चेकअप, इलाज और दवाइयां प्रदान कीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद मोहिबुल्लाह नदवी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल अब्दुल सलाम साहब ने की, जबकि संचालन नदीम साहब द्वारा किया गया। सांसद नदवी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में रामपुर की हालत पर चिंता जताते हुए कहा, “हमारा जिला स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है। यहां मेडिकल कॉलेज और एम्स जैसे संस्थानों की सख्त आवश्यकता है। गंभीर बीमारी के लिए मरीजों को दिल्ली तक जाना पड़ता है।”
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को उन्होंने संसद में उठाया है और स्वास्थ्य मंत्री को लिखित में पत्र भी दिया है।
इसके साथ ही सांसद ने सरकारी स्कूलों के विलय के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि यह गरीब बच्चों के शिक्षा अधिकारों का हनन है। “जब सरकारी स्कूल ही नहीं रहेंगे तो गरीबों के बच्चे कैसे पढ़ेंगे? आज कई आईएएस-आईपीएस अधिकारी इन्हीं स्कूलों से पढ़कर निकले हैं।”
सांसद मोहिबुल्लाह नदवी दोपहर में कस्बा टांडा पहुंचे, जहां उन्होंने व्यापारियों व दुकानदारों के साथ बैठक की। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन द्वारा गलत तरीके से दुकानों को तोड़े जाने के मुद्दे को वह संसद में उठाएंगे और जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
दुकानदारों ने बताया कि उनकी दुकानें 1908 से स्थापित हैं, और उनके पास वैध दस्तावेज भी मौजूद हैं।
इस मौके पर मास्टर सगीर अहमद, एडवोकेट तस्लीम, हाजी मुशर्रफ, महबूब अली पाशा, एडवोकेट आसिफ अली, जुबैर अहमद, जमील सैफी, शोएब किंग, राम बहादुर सिंह, दिवाकर, हाफिज नूरी, अरशद अली, एडवोकेट नासिर शेख, नसीम मियां सहित कई लोग मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त सांसद ने ग्राम पंचायत शाहाबाद में नसीम मियां को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया, जो अब नगर पालिका बोर्ड की मीटिंगों में शामिल होंगे और नगर की समस्याओं के समाधान हेतु कार्य करेंगे।
