BRICS सम्मेलन : PM मोदी का चीन पर परोक्ष हमला, “रेयर अर्थ खनिजों का हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं होना चाहिए”

BRICS सम्मेलन में PM मोदी की अपील – "महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना जरूरी"

ब्राज़ील : ब्राज़ील के तटीय शहर में आयोजित BRICS सम्मेलन 2025 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर अत्यधिक महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) की आपूर्ति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी देश को इन संसाधनों को हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यह टिप्पणी चीन द्वारा रेयर अर्थ खनिजों के निर्यात पर लगाई गई पाबंदियों के संदर्भ में मानी जा रही है।

चीन की नीतियों से बिगड़ रही है वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला
चीन ने अप्रैल 2025 से कुछ रेयर अर्थ मैग्नेट्स और खनिजों के निर्यात पर सख्त नियंत्रण लगाए हैं, जो अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने के जवाब में एक रणनीतिक कदम बताया जा रहा है।
PM मोदी ने कहा, “हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि महत्वपूर्ण खनिजों और तकनीक की सप्लाई चेन सुरक्षित और भरोसेमंद हो। यह आवश्यक है कि कोई देश इन संसाधनों का स्वार्थ या दबाव के लिए उपयोग न करे।”

रेयर अर्थ में चीन की 90% हिस्सेदारी, भारत में संकट गहराया
चीन दुनिया के 90% रेयर अर्थ मैग्नेट्स के प्रोसेसिंग पर नियंत्रण रखता है, जिनका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन, रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण, मोबाइल, टीवी और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स में होता है।
इस प्रतिबंध से भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर खासा असर पड़ा है। इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, “अगर यह संकट जल्द नहीं सुलझा तो अगस्त से उत्पादन में बाधाएं आ सकती हैं।”

भारत में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की तैयारी
भारत सरकार अब देश में रेयर अर्थ खनिजों की खोज और उत्पादन को बढ़ाने पर काम कर रही है। खान मंत्रालय, ISRO और BARC जैसे वैज्ञानिक संस्थान मिलकर रेयर अर्थ एलिमेंट्स की खोज और प्रोसेसिंग तकनीकों पर ध्यान दे रहे हैं।

शी जिनपिंग और पुतिन रहे गैरहाज़िर, BRICS में शामिल हुए कई विकासशील देश
गौरतलब है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सीसी इस बार सम्मेलन में शामिल नहीं हुए।
सम्मेलन में क्लाइमेट चेंज, पर्यावरणीय संकट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई।

PM मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत क्रिटिकल मिनरल्स की वैकल्पिक आपूर्ति को लेकर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के साथ रणनीतिक साझेदारी बना रहा है। आने वाले वर्षों में भारत की ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल योजनाएं इन्हीं खनिजों पर निर्भर होंगी।

 

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