कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया चीनी का नया विकल्प ‘एल्युलोज़’, न बढ़ाता शुगर लेवल और करता है फैट कम
डॉ. आलोक चोपड़ा ने सुझाया नया चीनी विकल्प - एल्युलोज़
नई दिल्ली: प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट और फंक्शनल मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. आलोक चोपड़ा ने इंस्टाग्राम पर एक नया चीनी विकल्प साझा किया है जिसे एल्युलोज़ कहा जाता है। यह प्राकृतिक रूप से मिलने वाला दुर्लभ शुगर है जो ना ही ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाता है और ना ही इंसुलिन स्पाइक करता है।
एल्युलोज़ क्या है? और यह कैसे काम करता है?
डॉ. चोपड़ा के अनुसार, एल्युलोज़ सामान्य चीनी की तुलना में 70% मीठा होता है, लेकिन इसकी कैलोरी बहुत ही कम होती है — मात्र 0.2-0.4 कैलोरी प्रति ग्राम। इसका 70% हिस्सा शरीर में अवशोषित होकर मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाता है, जिससे शरीर में इसका जमाव नहीं होता।
एल्युलोज़ के फायदे क्या हैं?
- लो कैलोरी: एल्युलोज़ में केवल 1/10th कैलोरी होती है चीनी के मुकाबले।
- अंगों के लिए सुरक्षित: यह लीवर, किडनी और फैट टिशूज़ के लिए सुरक्षित है, साथ ही सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है।
- ब्लड शुगर नियंत्रण: इसका ग्लायसेमिक इंडेक्स बहुत कम है, जिससे इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है और खाने के बाद शुगर स्पाइक नहीं होता।
- ऊर्जा में वृद्धि: यह माइटोकॉन्ड्रियल फंक्शन को बेहतर बनाता है, स्टैमिना बढ़ाता है और डायबिटिक नेफ्रोपैथी से भी बचाव करता है।
मेटाबॉलिज्म बेहतर करता है और फैट घटाता है: एल्युलोज़ फैट बर्निंग को सपोर्ट करता है, शरीर की चर्बी कम करता है और पेट भरे होने का एहसास बढ़ाता है।
एल्युलोज़ के प्राकृतिक स्रोत
एल्युलोज़ छोटे स्तर पर कुछ फलों और खाद्य पदार्थों में पाया जाता है जैसे कि अंजीर, किशमिश, गुड़, मेपल सिरप, कटहल, कीवी, कैरामेल, जूस और कॉफी। व्यावसायिक तौर पर यह फ्रुक्टोज़ को एंजाइमेटिक प्रोसेस से बदलकर तैयार किया जाता है।
अन्य विकल्पों से बेहतर क्यों है एल्युलोज़?
डॉ. चोपड़ा के अनुसार, एल्युलोज़ अन्य चीनी विकल्पों जैसे स्टीविया, ट्रुविया, मोंक फ्रूट आदि से कहीं बेहतर है। उन्होंने बताया कि स्टीविया और ट्रुविया में अक्सर कृत्रिम मिठास मिलाई जाती है, जिससे लम्बे समय में वजन बढ़ सकता है और मीठा खाने की लालसा बढ़ती है। वहीं नारियल और खजूर जैसी प्राकृतिक शक्करें भी शरीर पर अलग-अलग ग्लायसेमिक असर डालती हैं।
कितनी मात्रा फायदेमंद है?
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, प्रति भोजन 5 से 10 ग्राम एल्युलोज़ का सेवन पोस्ट-मील ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को कम करने में कारगर साबित होता है।
🔔 डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। किसी भी नए आहार परिवर्तन को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
