रामपुर में संकीर्तन महोत्सव : भक्ति, अध्यात्म और जीवनदर्शन का अद्भुत संगम

श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल के आयोजन में मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु, मास्टर जी ने जीवन का अर्थ समझाया

रामपुर, 7 जुलाई 2025 — श्री राधा माधव संकीर्तन मंडल के तत्वावधान में मौहल्ला चाह इन्छा राम स्थित श्री सनातन धर्म सभा प्रांगण में आयोजित एक दिवसीय संकीर्तन महोत्सव भक्ति, अध्यात्म और आत्मिक जागरूकता का अद्वितीय संगम बन गया। श्रद्धा और भक्ति से सराबोर इस आयोजन ने नगरवासियों को राधा-कृष्ण भक्ति की रसधारा में सराबोर कर दिया।

महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहे बरेली से आमंत्रित राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त संकीर्तनकार युधिष्ठिर मलिक और सुनील मलिक, जिन्होंने अपनी अनुपम शैली में अष्टछाप कवियों की रचनाओं और सूफी संतों की पदावलियों का ऐसा भावपूर्ण गायन प्रस्तुत किया कि श्रोतागण भावविभोर हो गए। उनकी वाणी की मिठास और भक्ति की गहराई ने संपूर्ण वातावरण को आलौकिक अनुभव से भर दिया।

कार्यक्रम में वृंदावन की रास परंपरा, उसकी आध्यात्मिक महिमा और प्रेम रस का भी सरस वर्णन किया गया, जिसने जनसमूह को मानो वृंदावन की रसमयी भूमि का प्रत्यक्ष दर्शन करा दिया।

महोत्सव की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब दिल्ली से पधारे प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और अंतरराष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर मास्टर जी का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ ज्ञान को सरल और प्रभावशाली शैली में जीवन से जोड़ते हुए कहा—

“हमारा जीवन एक पात्र की भूमिका जैसा है, जिसे निभाना है, पर उसमें उलझना नहीं है। निष्काम भाव से कर्म करने पर ही मन शांत और जीवन संतुलित रहता है।”

मास्टर जी के मिशन की जानकारी दिल्ली से आए अमन सेठ, रिंकू, आनंद, इंद्रा, मोना कौर, राजीव सेठ और शिवम गंभीर ने दी। उन्होंने बताया कि मास्टर जी किस प्रकार युवाओं, गृहस्थों और समाज के हर वर्ग को आंतरिक शांति और उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर प्रेरित कर रहे हैं।

कार्यक्रम का समापन श्री राधा-कृष्ण की आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस पावन अवसर पर नगर के कई गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

उपस्थित प्रमुख जनों में शामिल रहे — वीरेन्द्र अरोरा, पूनम अरोरा, आशीष जिंदल, अतुल गुप्ता, गिरिराज सरन, नरेश गुप्ता, सुमित मित्तल, रामनाथ गुप्ता, डिक्की आनंद, अतुल अग्रवाल, पुष्पेंद्र अग्रवाल, महेश सिंघल, पिया वर्मा, संगीता अग्रवाल, अनीता अग्रवाल, प्रभा अग्रवाल, राधा गुप्ता, नवीन गुप्ता आदि।

इस भव्य आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि जब भक्ति, सेवा और साधना एक साथ आती हैं, तो आत्मा का परमात्मा से मिलन सहज और सुलभ हो जाता है।

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