एनआईपीसीसीडी का नाम बदलकर हुआ ‘सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान’

4 जुलाई को रांची में नए क्षेत्रीय केंद्र का होगा उद्घाटन: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी

नई दिल्ली, 2 जुलाई: राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी) का नाम अब ‘सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान’ कर दिया गया है। यह बदलाव भारत की पहली महिला शिक्षिका और प्रखर समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से किया गया है।

यह निर्णय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत देशभर में चल रहे मिशन-आधारित कार्यक्रमों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी के नेतृत्व में यह बदलाव संस्थान के दृष्टिकोण और कार्यक्षमता को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में अहम कदम है।

श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा, “यह बदलाव न केवल सावित्रीबाई फुले की विरासत को सम्मान देता है, बल्कि महिला एवं बाल विकास के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।”

4 जुलाई को रांची में खुलेगा नया क्षेत्रीय केंद्र
संस्थान का नया क्षेत्रीय केंद्र 4 जुलाई, 2025 को रांची (झारखंड) में उद्घाटित किया जाएगा। यह केंद्र विशेष रूप से झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी राज्यों में कार्य कर रहे सात लाख से अधिक अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के प्रशिक्षण और अनुसंधान कार्यों को सशक्त करेगा।

अब तक इन राज्यों की प्रशिक्षण ज़रूरतों को गुवाहाटी और लखनऊ से आंशिक रूप से पूरा किया जाता था, लेकिन नए केंद्र के शुरू होने से स्थानीय जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और परामर्श उपलब्ध हो सकेंगे।

यह केंद्र मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 जैसी प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत काम करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण और एडवांस डिप्लोमा कार्यक्रम भी संचालित करेगा।

संस्थान का कार्यक्षेत्र और विस्तार
नई दिल्ली मुख्यालय के अतिरिक्त संस्थान के क्षेत्रीय केंद्र अब बैंगलोर, गुवाहाटी, लखनऊ, इंदौर, मोहाली और रांची में संचालित होंगे। यह संस्थान महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में प्रशिक्षण, अनुसंधान, नीति निर्माण, दस्तावेज़ीकरण और क्षमता निर्माण का शीर्ष निकाय बना रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस संस्थान की भूमिका समावेशी, सशक्त और स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण होगी।

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