कनानास्किस (कनाडा): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा के कनानास्किस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के इतर कई वैश्विक नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकातें कीं। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, आतंकवाद-रोधी प्रयासों और वैश्विक चुनौतियों सहित अनेक मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से बातचीत कर वाणिज्य, तकनीक, ग्रीन हाइड्रोजन, शिपबिल्डिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी मुलाकात की और भारत-फ्रांस सहयोग को और गहराने की बात कही। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से हुई चर्चा में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को गति देने की बात हुई।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ पीएम मोदी ने “मजबूत दोस्ती” की भावना व्यक्त की, वहीं मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम से यह उनकी पहली मुलाकात थी। मोदी ने उन्हें ऐतिहासिक चुनावी जीत पर बधाई दी और कृषि, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खनिज क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से भी पहली बार भेंट की और रक्षा, सुरक्षा, ग्रीन एनर्जी और तकनीक के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़, जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा, दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा से भी पीएम मोदी की बातचीत हुई।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ भी चर्चाएं हुईं। पीएम मोदी ने कहा कि इन सभी वार्ताओं में वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं और वैश्विक स्थिरता पर चर्चा की गई।
यह पीएम मोदी की एक दशक बाद कनाडा यात्रा है, जहां उन्हें उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी ने स्वागत किया।
