ट्रेनिंग पूरी कर अग्नि वीर पहुंचा गांव ग्रामीणों ने फूल मालाओ व ढोल नगाड़ौ से किया भव्य स्वागत मां के गले लगकर अग्निवीर फौजी हुआ भावुक
ऐलनाबाद, 08 जून (एम पी भार्गव )खंड के गांव ढाणी शेरा से पंकज बरावड पुत्र अमित चंद 18 वर्ष की आयु में अग्निवीर की भर्ती में सिलेक्शन होने के बाद वह अहमदनगर महाराष्ट्र में अपनी आठ महीने की ट्रेनिंग पूरी कर गत शनिवार देर शाम गांव पहुंचा तो परिवार सहित समस्त ग्रामवासियों ने फूलमालाओ व ढोल नगाडो के साथ गरम जोशी से भव्य स्वागत किया।अग्निवीर पंकज ने सर्वप्रथम गांव के गौशाला में स्थापित मंदिर में पूजा अर्चना कि उसके पश्चात गांव में भभूंता जी महाराज की मेडी पर पहुंच कर आशीर्वाद लिया।आपको बता दें कि पंकज बरावड पुत्र अमितचंद बरावड अभी 19 वर्ष का हुआ है ओर 18 वर्ष की आयु में अग्निवीर में सिलेक्शन हो गया। अग्निवीर पंकज बरावड ने जानकारी देते हुए बताया कि वह कक्षा 1 से 7 तक ऐलनाबाद के डीएवी स्कूल मे प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की तथा उसके पश्चात कक्षा 8 से 12 तक ऐलनाबाद के निजी सर छोटू राम जाट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के बाद बीए फर्स्ट ईयर नोहर के अचीवर महाविद्यालय से की।तथा इस दौरान उसका सिलेक्शन अग्निवीर भारतीय सेना में हो गया और वह ट्रेनिंग के लिए अहमदनगर महाराष्ट्र चला गया 8 महीने की ट्रेनिंग पूरी कर जब वह गत शनिवार 7 जून 2025 से शाम को अपने पैतृक गांव ढाणी शेरा तहसील जिला सिरसा पहुंचा तो परिवार समाज सहित समस्त ग्रामवासी व युवा साथियों महिलाओं बुजुर्गों ने फूल मालाओं ढोल नगाडो के साथ उसका भवय स्वागत किया निश्चित रूप से इस प्रकार के कार्यक्रम से जहां उसका हौसला बढ़ा है वहीं अन्य युवाओं को इससे प्रेरणा मिलेगी और वह भी भारतीय सेना के साथ अन्य प्रकार के सरकारी नौकरी पानी के लिए कड़ी और कठोर मेहनत करेंगे।उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि अब छुट्टी के बाद वह दोबारा ड्यूटी जॉइनिंग करने के लिए लह-लद्दाख जाएंगे वही इस दौरान जब वह अपने पैतृक गांव अपने घर पहुंचा तो दादी और पिता का आशीर्वाद लेने के बाद जब मैं अपने माता के पास पहुंचा तो सर्वप्रथम उसने अपनी सिर से टोपी उतार कर माता को पहनाई उसके बाद पैरों के हाथ लगाकर गले मिला तो पूर्ण रूप से भावुक हो गया और टपक टपक करके खुशी की आंसू बहने लगे पंकज अग्निवीर ने बताया कि घर में दो भाई है वह छोटा व दूसरा बड़ा भाई संजय है और उसके पिता शहर मे छोटी सी दुकान के साथ-साथ खेती बाड़ी करते हैं वही दादी और माता रोशनी देवी जी घर व पशुपालन का काम करते हैं उनका मुख्य व्यवसाय खेती बाड़ी है इस मौके पर सरपंच नथूराम बरावड ने अग्नि वीर फौजी को गले लगा कर के यादगार के रूप में ट्रॉफी सम्मानित किया और उन्होंने कहा कि गांव के अन्य युवा भी पंकज की तरह किसी भी प्रकार के सरकार नौकरी पाने के लिए कठोर मेहनत करे।
