WHO ने शिशुओं के लिए लॉन्च किया पहला RSV वैक्सीन: माता-पिता के लिए जरूरी जानकारी

RSV वायरस से निपटने के लिए WHO का बड़ा कदम

नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार नवजात शिशुओं को गंभीर रेस्पिरेटरी सिंसिशियल वायरस (RSV) संक्रमण से बचाने के लिए वैश्विक मार्गदर्शन जारी किया है। 30 मई 2025 को जारी इस पोजीशन पेपर में WHO ने दो प्रमुख उपाय सुझाए हैं: RSVpreF मातृ टीका और नर्सीविमैब मोनोक्लोनल एंटीबॉडी इंजेक्शन।

🔹 RSV क्या है और क्यों है खतरनाक?
RSV (रेस्पिरेटरी सिंसिशियल वायरस) एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है जो फेफड़ों और श्वसन तंत्र को संक्रमित करता है। यह छींक, खांसी या नजदीकी संपर्क से आसानी से फैलता है। यह आम सर्दी जैसा लग सकता है, लेकिन नवजात शिशुओं, विशेष रूप से छह महीने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है।

🔹 RSV के लक्षण: कब सतर्क हों माता-पिता
शुरुआत में RSV के लक्षण सामान्य सर्दी जैसे होते हैं:

  • नाक बहना
  • हल्का बुखार
  • छींकना
  • खांसी
  • चिड़चिड़ापन
  • दूध पीने में परेशानी
  • गंभीर लक्षण, जिन पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
  • तेज या कठिन सांस लेना
  • घरघराहट
  • सीने में धंसाव
  • होंठ या उंगलियों का नीला पड़ना
  • सांस लेने में लंबा अंतर (अप्निया)

🔹 RSV से बचाव के दो प्रभावी उपाय
✅ 1. मातृ टीका (RSVpreF)
यह टीका गर्भवती महिलाओं को तीसरी तिमाही (28 सप्ताह के बाद) में दिया जाता है। इससे मां के शरीर में एंटीबॉडी बनते हैं जो गर्भनाल के जरिए शिशु को भी सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह एक सरल और प्रभावी तरीका है जो प्रसवपूर्व देखभाल के दौरान आसानी से दिया जा सकता है।

✅ 2. मोनोक्लोनल एंटीबॉडी इंजेक्शन (नर्सीविमैब)
यह इंजेक्शन नवजात शिशु को सीधे दिया जाता है और तुरंत सुरक्षा प्रदान करता है। यह कम से कम पांच महीनों तक RSV से रक्षा करता है, जिससे एक पूरी RSV सीजन कवर हो जाता है। इसे जन्म के तुरंत बाद या RSV सीजन से पहले लगाया जाता है।

🔹 कम आय वाले देशों के लिए वरदान
इन दोनों उपायों का विशेष महत्व निम्न और मध्यम आय वाले देशों में है, जहां RSV के कारण अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु दर काफी अधिक है। WHO की सिफारिशों के अनुसार, इन तकनीकों से लाखों नवजातों की जान बचाई जा सकती है।

📌 सावधानी: यह लेख सामान्य जानकारी देता है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

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