पुलवामा हमले के बाद बंद हुई अटारी व्यापार सीमा, लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट
1433 कुलियों ने पीएम से लगाई गुहार: "आईसीपी को फिर से शुरू किया जाए"
अटारी (पंजाब)। 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान से सभी व्यापारिक संबंध तोड़ दिए गए, जिससे अटारी सीमा पर स्थित इंटरगेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) पर काम कर रहे 1433 कुलियों सहित लाखों लोगों की रोज़गार पर भारी असर पड़ा है। इन कुलियों और उनके परिवारों ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा अपील की है कि जिस तरह जम्मू-कश्मीर और गुजरात में सीमा व्यापार चालू है, उसी तरह अटारी के आईसीपी को भी खोला जाए।
कुलियों का कहना है कि पुलवामा हमला जम्मू-कश्मीर में हुआ था लेकिन दंड पंजाब के लोगों को मिला, क्योंकि पंजाब की अटारी सीमा को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया, जबकि अन्य बंदरगाहों पर व्यापार आज भी जारी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं, जिसे अब पंजाब के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे।
आज अटारी सीमा पर मीडिया को संबोधित करते हुए कुलियों ने कहा कि आईसीपी के बंद होने से न केवल 1433 कुलियों की आजीविका छीनी गई है, बल्कि हजारों व्यापारी, ड्राइवर, मजदूर, लोडर और छोटे दुकानदार भी प्रभावित हुए हैं। व्यापार बंद होने के चलते प्याज व अन्य आवश्यक वस्तुएं जो पाकिस्तान से आती थीं, उनकी आपूर्ति भी रुक गई है।
कुलियों ने ऐलान किया कि वे जल्द ही पंजाब के राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे और सभी सांसदों से अपील करेंगे कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएं। कांग्रेस नेता ने भी इस पर समर्थन जताते हुए कहा कि सरदार गुरजीत सिंह औजला इस मुद्दे को लगातार उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।
कुलियों ने यह भी कहा कि चुनाव के समय नेताओं द्वारा वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद कोई पूछने नहीं आता। अब उन्होंने ठान लिया है कि प्रतिनिधिमंडल के रूप में राज्यपाल से मिलेंगे और आईसीपी को खोलने की मांग करेंगे, ताकि पंजाब के लोग भी सम्मानजनक जीवन जी सकें।
