- रिपोर्ट: डॉ एम पी भार्गव
ऐलनाबाद, हरियाणा। बड़े-बड़े धार्मिक मंचों पर संत कुमार एडवोकेट को महात्मा संत कुमार संबोधित करके किया जाता है आमंत्रित महात्मा संत कुमार धार्मिक ग्रंथ गीता पर फरमाते हैं अनमोल वचन महात्मा संत कुमार धार्मिक ग्रंथ गीता के अनमोल वचनों से लोगों को कर देते हैं मंत्र मुक्त
भारत ऋषि मुनियों ,संत, महात्माओं का देश है, जहां अनेक अनेक महात्मा, महापुरुषों ने जन्म लिया है। ऐसे ही महात्माओं की श्रेणी में एक और नाम उभर रहा है,जिस बहुमुखी प्रतिभा संत कुमार एडवोकेट को महात्मा संत कुमार का नाम दिया जाने लगा है। फतेहाबाद के वरिष्ठ अधिवक्ता संत कुमार द्वारा पवित्र ग्रंथ गीता पर पुस्तक लिख कर संकेत दे दिया है कि भले ही उनका नाम संत हैं, मगर उनमें वह गुण है,जो एक महात्मा में होने चाहिए। महात्मा संत कुमार जब स्कूलों कॉलेज यूनिवर्सिटी के अतिरिक्त धार्मिक कार्यक्रमों में गीता पर धारावाहिक बोलते हैं तो गीता प्रेमी यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि जैसे भगवान श्याम श्री कृष्ण ही उनसे बुलवा रहे हो महात्मा संत कुमार एक क्रांतिकारी चेहरा है, जिसे हर धर्म, राजनीतिक दल, सामाजिक सोच, इतिहास, ग्रहों की चाल व हाथ की लकीरें जानने का ज्ञान है, जिससे जाहिर होता है कि उनपर किसी अदृश्य शक्ति मेहरबान है। स्कूलों तथा कालेजों के अतिरिक्त धार्मिक कार्यक्रम में गीता ग्रंथ पर धारावाहिक प्रचार से प्रभावित धर्मप्रेमी लोग महात्मा संत कुमार का बड़े ही दिल की अनंत गहराइयों से से आदर सत्कार करते हैं महात्मा संत कुमार की हिंदू पाक बंटवारे के दर्द पर लिखी किताब “नूरा” एक अमित छाप छोड़ रही है, जबकि पंजाबी समुदाय को जागरूक करने के लिए “जद्दोजहद”पुस्तक में दर्शाकर पंजाबी समुदाय में जागरूकता लाने में अहम भूमिका की अनदेखी नहीं की जा सकती। महात्मा संत कुमार का “ग़ज़ल संग्रह और रूबाई संग्रह, कभी जमीं कभी आसमां”वर्तमान में चर्चित बनी हुई है। पवित्र ग्रंथ गीता के अतिरिक्त महात्मा संत कुमार की अन्य पुस्तकों में क्रांति झलकती है, इस महात्मा की रुबाई “हमने पत्थर से भगवान बनाया है, लेजाकर उसे मंदिर में सजाया है, वो भी कितना होशियार है”दरवेश ” हमसे ही अपना सजदा करवाया है”। इसी प्रकार उनकी ग़ज़ल”हमने बनाया खुदा को या उसने बनाया हमें, वर्षों से मन में सवाल लिए फिरता हूं”। क्रांतिकारी सोच वाले संत कुमार का महात्मा बनने की राह पर चलना एक आश्चर्यजनक है, जिसने धार्मिक ग्रंथ गीता पर पुस्तक लिख दी है, जिससे लगता है कि उन्हें कोई रूहानी शक्ति प्राप्त हो गई हो। राजनीतिक दृष्टि से यदि नजर दौड़ाई जाए, तो नजर आयेगा कि शायद ही कोई ऐसा मुख्यमंत्री रहा होगा,जो उनसे न सिर्फ परिचित बल्कि प्रभावित न हुआ हो। पूर्व प्रधानमंत्री स्व श्रीमती इंदिरा गांधी के वर्ष 1982 के चुनाव में जब फतेहाबाद आई थी तो उसे दौरान मंच का कार्यभार संत कुमार को ही दिया गया था। जहां मंच पर चौधरी भजनलाल केंद्रीय मंत्री दलबीर सिंह और गोविंद राय बत्रा के साथ मंच सांझा किया था साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले संत कुमार एडवोकेट ने राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री स्व इंद्रकुमार गुजराल,लैफटिडैंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा, फिल्मी अदाकार सुनील दत्त जैसे चेहरों के साथ मंच सांझा किया तथा हरियाणा में पंजाबी समुदाय को जागरूक करने के साथ साथ शहीद मदनलाल धींगडा, को हरियाणा में सबसे पहले याद करने वाले संत कुमार एडवोकेट ने प्रदेश में पंजाबी को दूसरी भाषा का दर्जा देने, दिल्ली में शहीदी स्मारक बनाने तथा पंजाबी को मुख्यमंत्री बनाने की आवाज उठाकर उन्हें अमलीजामा पहनाने के प्रयास का श्रेय भी पंजाबी समुदाय के इस भीष्म पितामह को हासिल है। सादगी पसंद और अपने जीवन के सात दशक बिताने वाले अपनी ही धुन में व्यस्त कुशल वक्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता, धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रमों की शान, राजनेता,कवि, इतिहास तथा उपन्यास कार पर एक अंतरराष्ट्रीय टी वी चैनल पर आधे घंटे की मूवी तैयार कर शेयर की है, जिसे काफी लोगों द्वारा देखने और पसंद करने पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उपरोक्त गुणों को देखते हुए लोगों में संत कुमार को महात्मा कहा जाने लगा है। सात दशक जीवन के बिताने के बावजूद वर्तमान में वही उर्जा संत कुमार में देखी जा सकती है,जो उनके यौवनकाल में रही होगी। महात्मा संत कुमार के सभी विषयों पर मजबूत पकड़ को किसी ईश्वरीय शक्ति से कम न आंकते हुए शोध की जरूरत होने लगी है। स्वामी दिव्यानंद जी महाराज द्वारा संत कुमार एडवोकेट को संत कुमार संत की उपाधि से नवाजा था और श्री अमर ज्योति मंदिर फतेहाबाद में स्वामी संत कुमार की उपाधि मिली तो अब हरिद्वार में आयोजित एक धार्मिक मंच पर संत कुमार एडवोकेट को महात्मा संत कुमार की उपाधि से नवाजा गया महात्मा संत कुमार का मानना है कि वह अब महात्मा बनकर ही लोगों को श्री गीता ग्रंथ के अनमोल वचनों से जागरुक करते रहेंगे
