ऑपरेशन सिंदूर: पहली बार महिला अफसरों कर्नल सोफिया कुरैशी (आर्मी), विंग कमांडर व्योमिका सिंह (एयरफोर्स) ने साझा की एयर स्ट्राइक की जानकारी

पहली बार सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो महिला अफसर शामिल

नई दिल्ली: बुधवार सुबह 10:30 बजे एयर स्ट्राइक पर ब्रीफिंग देने के लिए तीन वरिष्ठ अधिकारी सामने आए—कर्नल सोफिया कुरैशी (आर्मी), विंग कमांडर व्योमिका सिंह (एयरफोर्स) और विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री। सबसे पहले दो मिनट का वीडियो प्ले किया गया जिसमें आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई दिखाई गई। सेना के इतिहास में पहली बार किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक मुस्लिम और एक हिंदू महिला अधिकारी साथ मौजूद रहीं।

ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी
कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर देर रात 1:05 से 1:30 बजे तक चला। यह कार्रवाई सिर्फ आतंकियों के ठिकानों पर की गई, न कि पाकिस्तानी सेना या नागरिकों पर। कुल 9 ठिकानों को नष्ट किया गया जिनमें लॉन्च पैड, ट्रेनिंग कैंप और हथियार डिपो शामिल थे।

विदेश सचिव ने बताया हमला क्यों ज़रूरी था
विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में निर्दोष लोगों को सिर में गोली मारकर मारा गया, वह भी उनके परिवारों के सामने। यह हमला सांप्रदायिक तनाव फैलाने और कश्मीर की प्रगति को रोकने की साजिश था। TRF (द रेज़िस्टेंस फ्रंट) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, जो लश्कर से जुड़ा संगठन है।

टारगेट्स और ठिकानों की जानकारी
पीओके: मुजफ्फराबाद में सवाई नाला (लश्कर का ट्रेनिंग सेंटर), सैयदना बिलाल कैंप

कोटली: लश्कर का ट्रेनिंग कैंप, श्रद्धालु हमले से जुड़े आतंकी यहीं से प्रशिक्षित

सियालकोट: सरजल कैंप (पुलिस जवानों की हत्या से जुड़े आतंकी), महमूना जाया कैंप (हिजबुल का अड्डा)

मुरीदके: मरकज तैयबा (अजमल कसाब और हेडली को दी गई ट्रेनिंग)

भावलपुर: मरकज सुभानअल्लाह (जैश का हेडक्वार्टर)

ऑपरेशन में नागरिकों को नहीं हुआ नुकसान
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी रिहायशी क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि केवल आतंकी ठिकानों पर हमला हो और कोई नागरिक क्षति न हो।

ऐतिहासिक संयुक्त कार्रवाई
यह पहली बार है जब 1971 के युद्ध के बाद भारतीय सेना, एयरफोर्स और नेवी ने मिलकर किसी ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह कार्रवाई पाकिस्तान की ज़मीन पर आतंक के अड्डों को खत्म करने के लिए की गई।

अंत में संदेश: “जय हिंद”
भारतीय सेना ने अपने बयान में कहा—“जय हिंद” लिखकर हमारे जवानों को समर्थन दें। आपका हर शब्द देश के दुश्मनों को करारा जवाब होगा।

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