तनाव कम करें: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत-पाकिस्तान के नेताओं से की बातचीत
पहलगाम आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने किया हस्तक्षेप
नई दिल्ली: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए, अमेरिका ने दोनों देशों से तनाव कम करने की अपील की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से देर रात फोन पर बातचीत की।
भारत की स्पष्ट मांग: दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रुबियो से बातचीत में स्पष्ट किया कि इस हमले के दोषियों, समर्थकों और योजनाकारों को न्याय के कटघरे में लाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी सूरत में बख्शेगा नहीं।
रुबियो की अपील: शांति और सहयोग बनाए रखें
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस के अनुसार, मार्को रुबियो ने पहलगाम हमले को ‘भयावह’ बताते हुए शोक जताया, और भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने भारत से पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करने और तनाव कम करने की भी अपील की।
पाकिस्तान से की पारदर्शी जांच की मांग
रुबियो ने शहबाज शरीफ से बातचीत में पाकिस्तान से इस आतंकी हमले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच में सहयोग करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि पाकिस्तान को आतंकवाद की निंदा करनी चाहिए और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए भारत के साथ संवाद बहाल करना चाहिए।
पाकिस्तान का जवाब: भारत पर लगाया आरोप, की स्वतंत्र जांच की मांग
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ ने भारत द्वारा पाकिस्तान को हमले से जोड़ने के प्रयासों को खारिज करते हुए, एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की। पाकिस्तान सरकार के बयान में कहा गया कि भारत के उकसावे से पाकिस्तान का आतंकवाद के खिलाफ चल रहा अभियान प्रभावित हो सकता है। शरीफ ने इंडस जल संधि को भारत द्वारा रद्द किए जाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि पानी को हथियार बनाना निंदनीय है।
भारत के कड़े कदम और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
पहलगाम हमले के एक दिन बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए, जिनमें शामिल हैं:
इंडस जल संधि का निलंबन
अटारी बॉर्डर को बंद करना
राजनयिक संबंधों में गिरावट
पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना
इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी अपना एयरस्पेस भारतीय विमानों के लिए बंद कर दिया और सभी प्रकार का व्यापार, यहां तक कि तीसरे देशों के माध्यम से होने वाला व्यापार भी रोक दिया।
