हरियाणा का पानी रोककर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रही है पंजाब सरकार: कुमारी सैलजा
हरियाणा को उसके हक का पानी नहीं मिल रहा – कांग्रेस ने जताया विरोध
- रिपोर्ट: एम पी भार्गव
ऐलनाबाद: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार हरियाणा के हिस्से का पानी रोक रही है। उन्होंने कहा कि यह न केवल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना है, बल्कि दोनों राज्यों के बीच हुए जल समझौते का भी उल्लंघन है।
भाजपा सरकार पर विफलता का आरोप
कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद वे इस अन्याय को रोकने में असमर्थ रही हैं। उन्होंने इसे भाजपा की प्रशासनिक विफलता करार दिया और चेतावनी दी कि अगर समय रहते हरियाणा को उसका पानी नहीं मिला तो प्रदेश में गंभीर पेयजल संकट खड़ा हो सकता है।
पानी की मात्रा घटाकर किया अन्याय: सैलजा
सांसद ने बताया कि भाखड़ा नहर से हरियाणा को पहले 9500 क्यूसेक पानी मिलता था, जिसे अब घटाकर केवल 4000 क्यूसेक कर दिया गया है। इसका असर विशेष रूप से हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, रोहतक और महेंद्रगढ़ जैसे जिलों पर पड़ेगा, जहां पीने के पानी और सिंचाई दोनों की भारी किल्लत हो सकती है।
मुख्यमंत्री सैनी से सख्त कदम उठाने की मांग
कुमारी सैलजा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से कड़ा संवाद करने की अपील की। उन्होंने केंद्र सरकार से भी तत्काल हस्तक्षेप की मांग की ताकि हरियाणा को उसका वैधानिक और संवैधानिक जल अधिकार मिल सके।
कांग्रेस लड़ेगी हक की लड़ाई – सड़क से संसद तक
सैलजा ने कहा कि अगर सरकारें निष्क्रिय रहीं, तो कांग्रेस हरियाणा के किसानों और जनता के हक की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रदेशों के बीच टकराव पैदा करने का मौका ढूंढ़ते रहते हैं, जबकि किसान आंदोलन में हरियाणा ने पंजाब का साथ दिया था। अब समय है कि पंजाब के किसान हरियाणा के हक की भी आवाज बुलंद करें।
किसानों के लिए कांग्रेस की प्रतिबद्धता
कुमारी सैलजा ने दोहराया कि कांग्रेस हरियाणा के किसानों और आम नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जब तक प्रदेश को उसका हक नहीं मिल जाता, पार्टी संघर्ष करती रहेगी।
