बिग ब्रेकिंग: पाकिस्तान पर भारत का कूटनीतिक प्रहार, ऐतिहासिक फैसले लेकर सख्त संदेश
प्रधानमंत्री आवास पर चली मैराथन CCS बैठक, विदेश मंत्रालय ने किए बड़े ऐलान
नई दिल्ली: नई दिल्ली से मिली बड़ी खबर के अनुसार, भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कूटनीतिक रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री आवास पर चली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की लंबी बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई ऐतिहासिक फैसलों की घोषणा की।
भारत सरकार के कड़े और निर्णायक कदम:
1. अटारी बॉर्डर को तत्काल प्रभाव से बंद किया गया
भारत और पाकिस्तान के बीच प्रमुख सीमा मार्ग अटारी-वाघा बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया है। दोनों देशों के बीच यातायात और व्यापार अब बंद रहेगा।
2. पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास को बंद किया गया
इस फैसले के तहत पाकिस्तान में मौजूद भारतीय दूतावास को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया गया है, और सभी भारतीय राजनयिकों को वापस बुलाया गया है।
3. सिंधु जल समझौते को अस्थायी रूप से रोका गया
भारत ने पाकिस्तान के साथ दशकों पुराना सिंधु जल समझौता फिलहाल के लिए रोक दिया है। यह निर्णय पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
4. भारत में पाकिस्तान का दूतावास बंद करने का आदेश
भारत में स्थित पाकिस्तानी दूतावास को भी बंद किया जाएगा। सभी पाकिस्तानी राजनयिकों को भारत छोड़ने का निर्देश जारी कर दिया गया है।
5. पाकिस्तानी राजनीतिकों को 48 घंटे में देश छोड़ने का अल्टीमेटम
भारत में रह रहे पाकिस्तानी राजनीतिक या कूटनीतिक गतिविधियों से जुड़े व्यक्तियों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है।
6. सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा तत्काल प्रभाव से रद्द
भारत में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। अब उन्हें निर्धारित समय के भीतर भारत छोड़ना होगा।
भारत ने दिया स्पष्ट संदेश: संप्रभुता से कोई समझौता नहीं
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ये सभी कदम भारत की तरफ से एक स्पष्ट कूटनीतिक जवाब हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रियता बढ़ेगी
विदेश मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भारत इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठाएगा, ताकि पाकिस्तान पर वैश्विक दबाव बढ़ाया जा सके।
