पहलगाम में आतंकियों का कायराना हमला: पर्यटकों पर चली गोलियां, पीएम मोदी और अमित शाह ने की कड़ी निंदा
मंगलवार, 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब बैसरन घाटी के ऊपरी हिस्से में स्थित एक रिसॉर्ट पर आतंकियों ने अचानक अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। यह इलाका शांत और सुरक्षित माना जाता था, लेकिन इस हमले ने पूरे क्षेत्र में डर और दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चार से पांच पर्यटक घायल हुए हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में पांच पर्यटकों की मौत की भी आशंका जताई जा रही है। हमला मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ। हमले के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया और सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। घटनास्थल पर सीआरपीएफ की अतिरिक्त टीम भी भेजी गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा,
“मैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। इस जघन्य कृत्य के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है और यह और भी मजबूत होगा।”
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात कर घटनास्थल का दौरा करने और सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।
अमित शाह का बयान और अगला कदम
गृह मंत्री अमित शाह ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि,
“इस जघन्य हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है और क्षेत्र में सुरक्षा अभियान तेज कर दिए गए हैं।”
उन्होंने जानकारी दी कि वह जल्द ही श्रीनगर पहुंचेंगे और सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ आपात सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। शाह ने बताया कि उन्होंने पीएम मोदी को घटना की जानकारी दी है और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस भी की है।
पीएम की विदेश यात्रा के बीच बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी इस समय सऊदी अरब की राजकीय यात्रा पर हैं। ऐसे में यह हमला सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस सतर्क
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बैसरन घाटी में गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं, जो कि आमतौर पर पर्यटकों के लिए बेहद शांत और आकर्षक स्थान माना जाता है। पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर तैनात हैं और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावर किस संगठन से जुड़े थे और उनका मकसद क्या था।
इस आतंकी हमले ने एक बार फिर से जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि सरकार की ओर से साफ संदेश है – आतंकियों को छोड़ा नहीं जाएगा।
