हरियाणा में गेहूं की फसलों में लगी आग से करोड़ों का नुकसान – कुमारी सैलजा ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार

सिरसा सांसद कुमारी सैलजा का सरकार पर निशाना – "ढीली बिजली की तारें बना रही हैं किसान का जीवन नर्क"

  • रिपोर्ट: एमपी भार्गव

ऐलनाबाद: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में गेहूं की फसलों में लगी भीषण आग की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही और ढीली तारों की स्पार्किंग के कारण किसान हर साल अपनी फसल और उम्मीदें दोनों जलता हुआ देख रहा है।

हजारों एकड़ फसल जलकर राख – करोड़ों का नुकसान
कुमारी सैलजा ने कहा कि शुक्रवार को प्रदेशभर में हजारों एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई। अकेले सिरसा, फतेहाबाद, अंबाला, जींद और फरीदाबाद जिलों में हुई घटनाओं से किसानों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं का मुख्य कारण बिजली तारों में हुई स्पार्किंग है, जिसकी शिकायतें पहले से दर्ज थीं लेकिन बिजली विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया।

सरकार ने नहीं निभाई जिम्मेदारी – भूमिगत केबल होती तो न होता नुकसान
सैलजा ने सवाल उठाया कि अगर सरकार ने समय रहते बिजली की केबलों को भूमिगत करने का कार्य किया होता तो यह स्थिति नहीं आती। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा कटाई के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करने का दावा भी खोखला साबित हुआ, क्योंकि स्पार्किंग और शॉर्ट सर्किट की घटनाएं जारी हैं।

कई जिलों में भारी नुकसान, किसानों की मेहनत जलकर राख

  • फतेहाबाद में बिजली लाइन में फॉल्ट से 20 एकड़ फसल राख हो गई।
  • जींद में शॉर्ट सर्किट से खड़ी फसल जल गई।
  • अंबाला के नगला गांव में गेहूं और चने की फसल स्वाह हो गई।
  • फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में बिजली की चिंगारी से लगी आग 40-50 खेतों में फैल गई, जिससे कटी और खड़ी दोनों तरह की फसल नष्ट हो गई।
  • सिरसा के लुदेसर, हंंजीरा, रूपावास और सुचान गांवों में करीब 400 एकड़ फसल जलकर बर्बाद हो गई।
  • राष्ट्रीय राजमार्ग 9 पर पंजुआना गांव के पास भी हाई वोल्टेज लाइन में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जिससे 7 एकड़ गेहूं की फसल राख हो गई।

किसानों को तत्काल राहत दे सरकार – सैलजा की मांग
कुमारी सैलजा ने सरकार से स्पेशल गिरदावरी करवा कर प्रभावित किसानों को तुरंत मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक एकड़ गेहूं की फसल के जलने से किसान को औसतन ₹75,000 का नुकसान होता है। सरकार को चाहिए कि बिना देरी किए आर्थिक सहायता जारी करे, क्योंकि किसान पहले से ही कर्ज और महंगाई के बोझ से दबा हुआ है।

“किसानों के अरमान जल गए, सरकार ने केवल आश्वासन दिए”
सैलजा ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार हर साल केवल कागज़ों में ढीली तारें कसती है, जबकि जमीन पर हकीकत कुछ और है। उन्होंने कहा कि किसान सिर्फ अपनी फसल नहीं, अपना सपना भी जलते हुए देखता है, और यह स्थिति अब बर्दाश्त के बाहर है।

कुमारी सैलजा ने अंत में दोहराया कि अगर सरकार किसानों की चिंता नहीं करेगी, तो आने वाले समय में जनता जवाब जरूर देगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.