- रिपोर्ट: सुजीत दूबे
राजगढ़। जनपद के सरकारी स्कूलों में बच्चों को पोषणयुक्त भोजन के बजाय नमक-रोटी और सड़ा हुआ खाना परोसे जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। राजगढ़ कम्पोजिट विद्यालय में सड़ा हुआ गेहूं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका एमडीएम (मिड-डे मील) में भ्रष्टाचार कर रही हैं और बच्चों के भोजन से भी पैसा कमा रही हैं।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, प्रधानाध्यापक पर लगे गंभीर आरोप
विद्यालय में घटिया और दूषित भोजन की शिकायत पर पहुंचे ग्राम प्रधान से प्रधानाध्यापक की तीखी बहस हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में बच्चों को सड़े हुए गेहूं का आटा खिलाया जा रहा है, जिससे बच्चों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। प्रधानाध्यापक पर भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने का भी आरोप लगाया गया।
शिक्षा विभाग की अनदेखी, महीनों से शिकायतों पर नहीं हो रही कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के नाक के नीचे ही राजगढ़ कम्पोजिट विद्यालय में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। स्कूल में खेल-कूद, फर्नीचर, रंगाई-पुताई और रखरखाव के नाम पर हर साल पैसा हड़प लिया जाता है, लेकिन सुधार के नाम पर कुछ नहीं होता। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से महिला प्रधानाध्यापक की निष्पक्ष जांच कर तत्काल निलंबन की मांग की है।
प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल
गौरतलब है कि महीनों से एमडीएम में हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन शिक्षा विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। इस मामले में उच्च अधिकारियों का चुप्पी साधे रहना भी सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
