डीएम निधि श्रीवास्तव ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के कार्यों की समीक्षा की

सोलर रूफटॉप के लाभ और कार्य योजना की समीक्षा

बदायूँ: जिलाधिकारी निधि श्रीवास्तव ने कलेक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने योजना के कार्यों में तेजी लाने और वेंडरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सोलर रूफटॉप की कार्य क्षमता और योजना का प्रचार
जिलाधिकारी ने कहा कि सोलर रूफटॉप टॉप नॉच टेक्नोलॉजी पर आधारित होता है, जो सभी मौसमों में कार्य करता है। उन्होंने बताया कि इसका हाइब्रिड मॉडल भी उपलब्ध है, जो सौर ऊर्जा का अधिकतम लाभ उठाता है। सोलर पैनल की कार्य क्षमता 25 वर्ष तक होती है, और इसके माध्यम से बिजली बिल में दो तिहाई तक की बचत हो सकती है। इसके अलावा, योजना के तहत 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा दी जाती है।

वेंडर और विभागीय लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में निर्देश
जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों और वेंडरों को निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि योजना का प्रचार प्रसार भी किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल आज की जरूरत बन गए हैं और सभी को इसे लगवाना चाहिए।

विभागीय समस्याओं के समाधान के लिए हेल्प डेस्क और रजिस्टर की व्यवस्था
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी विद्युत को विद्युत विभाग से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए हेल्प डेस्क बनाने के लिए कहा। साथ ही, उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन के लिए रजिस्टर बनाने की भी सलाह दी, ताकि लोगों को किसी भी समस्या का समाधान आसानी से मिल सके।

अनुदान राशि और बैंक लोन की जानकारी
प्रभारी परियोजना अधिकारी नेडा, प्रणव कुमार पाठक ने बताया कि इस योजना के तहत 01 किलोवाट पर 45,000 रुपए, 02 किलोवाट पर 90,000 रुपए और 03 किलोवाट और उससे ऊपर के प्लांट पर 1,08,000 रुपए का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीयकृत बैंकों से इस योजना के तहत आसानी से लोन भी उपलब्ध है।

योजना की स्थिति और पंजीकरण विवरण
प्रभारी ने बताया कि इस योजना का लक्ष्य 10,000 यूनिट था, जबकि 45506 पंजीकरण ऑनलाइन हो चुके हैं। इसके अलावा, 2892 आवेदनों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और 94 इंस्टॉलेशन का कार्य भी पूरा किया जा चुका है।

बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केशव कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरुण कुमार और अन्य विभागीय अधिकारी एवं वेंडर भी मौजूद रहे।

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