प्रेम कुमार त्रिपाठी कृत उपन्यास “हिसाब अभी बाकी है” का हुआ भव्य लोकार्पण

प्रतापगढ़। नगर से सटे ग्राम पूरेईश्वरनाथ में सृजना साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में जनपद के वरिष्ठ कथाकार प्रेम कुमार त्रिपाठी प्रेम कृत उपन्यास “हिसाब अभी बाकी है” का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं धूप जलाकर सरस्वती वंदना कर किया गया।
अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ दयाराम मौर्य ‘रत्न’ ने कहाकि “हिसाब अभी बाकी है” एक शिक्षाप्रद उपन्यास है जो समाज में सुधारात्मक प्रवृत्ति विकसित करेगा। कथानक के प्रमुख पात्र चुहड़मल के पापों का प्रतिफल उसके जीवनकाल में ही मिल जाता है जिससे पाप से विरत रहने का संदेश मिलता है।
मुख्य अतिथि प्रख्यात साहित्यकार डॉ अर्जुन पाण्डेय ने कहाकि “हिसाब अभी बाकी है” बेल्हा में लिखा जाने वाला मुंशी प्रेमचंद के बाद का कालजयी उपन्यास है।भाषा-शैली, कथानक तथा संवाद उच्च कोटि के हैं। इसमें अन्त तक रोचकता तथा उत्कंठा बनी रहती है।
डॉ दयाराम मौर्य ‘रत्न’, डॉ अर्जुन पाण्डेय, डॉ अभिमन्यु पाण्डेय को साहित्य शिरोमणि सम्मान से सम्मानित किया गया।
विशिष्ट अतिथि रोशनलाल ऊमरवैश्य ने कहाकि कथाकार प्रेम कुमार त्रिपाठी का उपन्यास “हिसाब अभी बाकी है” कालजयी एवं समाज का पथ प्रशस्त करेगा। कार्यक्रम में डॉ अभिमन्यु पाण्डेय, आनन्द मोहन ओझा, कुंजबिहारी काकाश्री, विनोद पाण्डेय, विवेक यादव, महेन्द्र कुमार आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार निलय द्वारा तथा आभार ज्ञापन माया त्रिपाठी द्वारा किया गया।

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