8वां वेतन आयोग: केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, 2026 से लागू होगा नया सैलरी स्ट्रक्चर — 1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को होगा फायदा नई दिल्ली।

सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और उसकी शर्तों को मंजूरी दे दी है। यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों में सुधार की सिफारिश करेगा। आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीने के भीतर सौंपनी है, और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो जाएंगी।

सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और उसकी शर्तों को मंजूरी दे दी है। यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों में सुधार की सिफारिश करेगा। आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीने के भीतर सौंपनी है, और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो जाएंगी।
सरकार के इस फैसले से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। यानी लगभग 1 करोड़ लोगों की सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी तय है।
🔹 आयोग की संरचना
8वें वेतन आयोग की चेयरपर्सन सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजन प्रकाश देसाई होंगी।
इसके अलावा IIM बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष को पार्ट-टाइम सदस्य और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन को मेंबर-सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है।
🔹 कब लागू होगा नया वेतन आयोग
सरकार ने 16 जनवरी 2025 को इस आयोग को मंजूरी दी थी। आयोग अपनी रिपोर्ट जमा करने के बाद 1 जनवरी 2026 से वेतन संरचना में बदलाव लागू करेगा। हालांकि, पूरी तरह से सिफारिशें लागू होने में 2028 तक का समय लग सकता है।
🔹 क्या होता है वेतन आयोग
वेतन आयोग का गठन सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों की समीक्षा के लिए किया जाता है। यह आयोग व्यय विभाग (Department of Expenditure) के अधीन कार्य करता है। 1946 से अब तक कुल 7 वेतन आयोग बन चुके हैं, और हर 10 साल के अंतराल पर नया आयोग गठित किया जाता है।
🔹 फिटमेंट फैक्टर से तय होगी सैलरी
8वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ोतरी का आधार फिटमेंट फैक्टर होगा। यह एक गुणक (Multiplier) होता है जिससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है।
उदाहरण के तौर पर यदि बेसिक सैलरी ₹10,000 है और फिटमेंट फैक्टर 2.57 है, तो नई सैलरी होगी —
10,000 × 2.57 = ₹25,700।
🔹 कितनी बढ़ सकती है सैलरी
माना जा रहा है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 2.46 से 2.57 के बीच रह सकता है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी 30% से 34% तक बढ़ सकती है। उदाहरण के तौर पर लेवल-1 के कर्मचारी की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है, जो बढ़कर लगभग ₹51,480 तक पहुंच सकती है।
🔹 पेंशन और DA पर भी असर
हर वेतन आयोग की तरह इस बार भी महंगाई भत्ता (DA) को जीरो से शुरू किया जाएगा, क्योंकि नई बेसिक सैलरी पहले से ही महंगाई दर को ध्यान में रखकर तय की जाएगी। हालांकि, DA के रीसेट होने से शुरुआती महीनों में कुल सैलरी में मामूली फर्क दिख सकता है।
🔹 एरियर का लाभ
कर्मचारियों को 17–18 महीने का एरियर एकमुश्त या किस्तों में दिया जाएगा। यानी 2026 से लागू होने वाले वेतनमान का पिछला बकाया भी सरकार चुकाएगी।
🔹 निष्कर्ष
8वें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों की आय में बड़ा इजाफा होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कर्मचारियों की क्रयशक्ति बढ़ेगी और बाजार में भी आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
सरकार के इस फैसले को लेकर अब सभी की नजरें आयोग की रिपोर्ट और फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हैं — जो तय करेगा कि 2026 से सरकारी कर्मचारियों की जेब कितनी भारी होगी।

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