अलीगढ़, मार्च।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के सभागार में स्वतंत्र पत्रकार मनोज अलीगढ़ी के तत्वावधान में “नारी शक्ति वंदन–अभिनंदन सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवा, चिकित्सा, शिक्षा, सुरक्षा और सेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 72 महिलाओं को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती राममूर्ति देवी ने की। मुख्य अतिथि आरएएफ-104 की दर्शना कुमारी ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और देश की प्रगति में अहम भूमिका निभा रही हैं। वरिष्ठ साहित्यकार सुविधा पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सम्मान की दृष्टि से देखा गया है और मां को घर की पहली पाठशाला माना जाता है।
सीएमएस डॉ. महेंद्र माथुर ने अपने संबोधन में सावित्रीबाई फुले, महारानी लक्ष्मीबाई, कल्पना चावला और किरण बेदी जैसी महान महिलाओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके संघर्ष और उपलब्धियां आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम आयोजक मनोज अलीगढ़ी ने कहा कि किसी भी नारी का सम्मान करने से पहले हर व्यक्ति को अपने घर में मां का सम्मान करना सीखना चाहिए, क्योंकि वही हमारे संस्कारों की पहली गुरु होती हैं।
इस अवसर पर मालती अंबेडकर, डॉ. निशी, डॉ. श्वेता, डॉ. रिद्धि, रजनी रावत, वर्षा रावत, नीरू शर्मा, रोजमेरी, अनामिका सहाय, शबनम, दर्शना कुमारी, रीना महलवार, सविता कुमारी, राधा रानी वर्मा, रुबीना सिंह, भगवान देवी, स्नेहलता, लीना सिगलर, आरिफा बेगम, रेखा लाल, जैस्मिन डेविड, प्रेमलता सिंह, पूजा सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में तानसेन संगीत महाविद्यालय की निदेशक परवेज शेख तथा उनकी टीम—सोम प्रकाश शर्मा, अजीत बागड़ी, शिव कुमार, चेतन रावत, विवेक कुमार और रंजन राणा—का विशेष सहयोग रहा।
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