रामपुर कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे 60 वाल्मीकि परिवार, न्याय न मिलने पर दी आत्महत्या की चेतावनी

रामपुर। ग्राम सूरजपुर, तहसील टांडा के 60 वाल्मीकि परिवार अपनी समस्याओं को लेकर मंगलवार को रामपुर कलेक्ट्रेट परिसर में एक दिवसीय धरने पर बैठ गए। धरना दे रहे इन पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उन्हें सरकारी योजनाओं की आड़ में जबरन उजाड़ दिया गया, और अब वे पिछले तीन महीनों से सड़क पर रहने को मजबूर हैं।

भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज (भावधास) के नेतृत्व में धरने पर बैठे इन परिवारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक उपेक्षा के चलते आज उनके पास न छत है, न भोजन, और न ही किसी प्रकार की मदद मिल रही है।

वाल्मीकि समाज के लोगों का कहना है कि 23 जनवरी 2025 को ग्राम सूरजपुर में शिक्षा केंद्र वीचपुरी (गाटा संख्या 341) की जमीन पर अनावश्यक कार्रवाई करते हुए उनका आशियाना तोड़ दिया गया। वे वहां वर्षों से निवास कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उनकी कोई नहीं सुनी।

धरने पर बैठी महिलाओं ने आक्रोश में कहा कि अगर जल्द कोई समाधान नहीं निकाला गया तो वे अपने बच्चों समेत सामूहिक आत्महत्या के लिए बाध्य होंगी।

संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने इस मामले में अब तक मुख्यमंत्री, मुरादाबाद कमिश्नर, जिलाधिकारी रामपुर, और उपजिलाधिकारी टांडा को कई बार ज्ञापन भेजा है, लेकिन उन्हें केवल झूठे आश्वासन मिले हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि 60 परिवारों को तुरंत पुनर्वास और रहने की व्यवस्था कराई जाए, ताकि वे मानवीय जीवन जी सकें। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.