नई दिल्ली।कुछ लोगों को ज्यादा पसीना आता है, तो कुछ को बहुत कम। ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि आखिर रोजाना कितना पसीना आना चाहिए और क्या पसीना आना सेहत के लिए जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार पसीना आना शरीर की एक प्राकृतिक और जरूरी प्रक्रिया है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती है।
एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, ग्रेटर नोएडा के चिकित्सा विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. सुमोल रत्ना बताते हैं कि जब हमारा शरीर ज्यादा गर्म हो जाता है या हम मेहनत का काम करते हैं, तो शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए पसीना निकालता है। पसीना जब हवा में सूखता है, तो शरीर की अतिरिक्त गर्मी बाहर निकल जाती है और शरीर का तापमान संतुलन में रहता है। यही वजह है कि पसीना आना शरीर का कुदरती तरीका है, जिससे वह सही ढंग से काम करता रहता है।
दिनभर में कितना पसीना आना चाहिए
डॉ. रत्ना के अनुसार हर व्यक्ति के शरीर से रोज थोड़ा-बहुत पसीना आना सामान्य और अच्छा संकेत है। इससे पता चलता है कि शरीर की तापमान नियंत्रण प्रणाली ठीक से काम कर रही है। यदि पूरे दिन पसीना न आए तो घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन हल्का चलना-फिरना या कोई काम करने पर पसीना आना स्वाभाविक है। रोजाना 30 से 60 मिनट तक हल्की या मध्यम शारीरिक गतिविधि जैसे टहलना, घर या खेत का काम करने से पसीना आना सामान्य माना जाता है। वहीं, बहुत ज्यादा पसीना आना भी ठीक नहीं है, क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
पसीना बहने के प्रमुख फायदे
पसीना शरीर का तापमान संतुलित रखता है और ओवरहीटिंग से बचाता है।
पसीना आने से त्वचा के रोमछिद्र खुलते हैं, जिससे अंदर जमी गंदगी बाहर निकलती है और त्वचा साफ व स्वस्थ रहती है।
पसीने के साथ शरीर के कुछ हानिकारक तत्व और टॉक्सिन बाहर निकलते हैं, जिससे शरीर को राहत मिलती है।
इन बीमारियों में पसीना आना देता है राहत
मोटापे में हल्की-मध्यम शारीरिक गतिविधि और पसीना बहना वजन घटाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाता है।
डायबिटीज में व्यायाम के साथ पसीना आना ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
ब्लड प्रेशर की समस्या में नियमित गतिविधि और पसीना आना दबाव को संतुलित करने में सहायक होता है।
दिल की सेहत के लिए भी हल्का व्यायाम और पसीना आना जरूरी है, इससे रक्त संचार बेहतर होता है।
कुछ लोगों में माइग्रेन और सिरदर्द की समस्या में भी हल्की कसरत और पसीना आने से राहत मिलती है।
तनाव की स्थिति में पसीना बहने से शरीर में हैप्पी हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे मन शांत रहता है।
पसीना बहाने का सही तरीका
पसीना सिर्फ गर्मी से ही नहीं आता, बल्कि शरीर के सक्रिय रहने से भी आता है। रोज 30 मिनट टहलना, योग या सूर्य नमस्कार करना, घर या खेत का काम, बागवानी, नाचना या खेलना जैसी गतिविधियां शरीर को एक्टिव रखती हैं और सेहत के लिए फायदेमंद हैं।
पानी पीना है बेहद जरूरी
पसीना बहने से शरीर से पानी बाहर निकलता है, इसलिए डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना जरूरी है। सादा पानी, नींबू पानी, नारियल पानी या तरल जूस अच्छे विकल्प हैं। बार-बार थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
कब पसीना नुकसानदेह हो सकता है
अगर बिना मेहनत किए बहुत ज्यादा पसीना आए, साथ में चक्कर, कमजोरी, ठंड लगना, घबराहट या हाथ-पैर सुन्न होने जैसी शिकायत हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पसीने से डरने की जरूरत नहीं है। संतुलित जीवनशैली, हल्का व्यायाम और पर्याप्त पानी के सेवन से पसीना शरीर के लिए वरदान बन सकता है और कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है।
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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें
