17th BRICS Summit : प्रधानमंत्री मोदी ने ‘पर्यावरण, COP-30 और वैश्विक स्वास्थ्य’ सत्र को किया संबोधित, जलवायु न्याय को बताया नैतिक जिम्मेदारी

ब्रिक्स, साझेदार देशों और आमंत्रित राष्ट्रों की सहभागिता में हुआ सत्र

ब्राज़ील : प्रधानमंत्री मोदी ने आज “पर्यावरण, COP-30 और वैश्विक स्वास्थ्य” विषय पर आयोजित एक विशेष सत्र को संबोधित किया। इस सत्र में ब्रिक्स सदस्य देशों, साझेदार राष्ट्रों और आमंत्रित देशों की भागीदारी रही। प्रधानमंत्री ने ब्राज़ील को इतने महत्वपूर्ण मुद्दों पर सत्र आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया।

भारत के लिए जलवायु परिवर्तन केवल ऊर्जा का मुद्दा नहीं – प्रधानमंत्री मोदी 
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के लिए जलवायु परिवर्तन केवल ऊर्जा संबंधित विषय नहीं है, बल्कि यह जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने कहा कि भारत जलवायु न्याय को एक नैतिक जिम्मेदारी मानता है, जिसे निभाना उसका कर्तव्य है।

पर्यावरण के लिए भारत की प्रतिबद्धता और वैश्विक पहलकदमियां
प्रधानमंत्री ने भारत द्वारा शुरू की गई प्रमुख पर्यावरणीय पहलों की जानकारी दी, जिनमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस, इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस, मिशन लाइफ, और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शामिल हैं।

भारत विकास के सतत मार्ग पर अग्रसर
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होते हुए भी पेरिस समझौते की प्रतिबद्धताओं को समय से पहले पूरा कर चुका है। उन्होंने विकासशील देशों के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सस्ती वित्तीय सहायता की आवश्यकता पर बल दिया। इस दिशा में क्लाइमेट फाइनेंस पर फ्रेमवर्क डिक्लेरेशन को महत्वपूर्ण कदम बताया।

‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ मंत्र के साथ वैश्विक सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत ने कोविड महामारी के दौरान ‘One Earth, One Health’ के मंत्र को अपनाकर कई देशों को सहयोग दिया। उन्होंने भारत की डिजिटल हेल्थ योजनाओं की सफलता का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत इन्हें वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ साझा करने को तैयार है। उन्होंने “BRICS Partnership for Elimination of Socially Determined Diseases” घोषणा का स्वागत किया।

भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा – ग्लोबल साउथ प्राथमिकता में
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा। उन्होंने कहा कि भारत का एजेंडा “ग्लोबल साउथ” पर केंद्रित होगा और “मनुष्यता प्रथम” दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ब्रिक्स को एक नई पहचान देने का प्रयास करेगा, जिसमें BRICS का मतलब होगा:
Building Resilience and Innovation for Cooperation and Sustainability

ब्राज़ील के राष्ट्रपति को दी बधाई और आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला को सफल शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए बधाई दी और उनके आतिथ्य के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

 

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